बिहारशरीफ: बिहार के नालंदा जिले के बिहारशरीफ से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ मंदिर में भगदड़ की चपेट में आने से लगभग 9 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना मघड़ा गाँव स्थित माता शीतला मंदिर की बताई जा रही है, जहाँ हजारों की संख्या में आए श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच भगदड़ मच गई। मंदिर में जल्दी दर्शन करने को लेकर लोगों में होड़ थी। मौके पर पहुँची पुलिस प्रशासन राहत-बचाव कार्य में जुटी, घायलों को बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेजा गया। मुख्यमंत्री ने जान गंवाने वालों के आश्रितों को 6-6 लाख की सहायता राशि देने के निर्देश दिए, साथ ही घायलों के पूर्ण इलाज की भी व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा की जाएगी।

चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार को लेकर उमड़ी भीड़
माता शीतला मंदिर में चैत्र के महीने में विशेष रूप से लोग पूजा-अर्चना करने दूर-दूर से पहुँचते हैं। ऐसी मान्यता है कि खासकर मंगलवार का दिन माँ शीतला की पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत शुभ है। चल रहे चैत्र महीने का आज आखिरी मंगलवार था, जिसे देखते हुए लोग अधिक संख्या में मंदिर पहुँचे। मंदिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण दर्शन करने में देरी हो रही थी। लोग जल्दी दर्शन करने के लिए व्याकुल हो रहे थे और मंदिर प्रांगण में भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए किसी भी तरह की कोई बैरिकेडिंग नहीं की गई थी।
मंदिर में मौजूद पुजारी पर लगे गंभीर आरोप
मघड़ा स्थित माता शीतला मंदिर में प्रवेश करने के लिए कुल तीन द्वार हैं, एक मुख्य द्वार सामने से और दो पीछे के अन्य द्वार हैं। आम दिनों में सामने का मुख्य द्वार ही श्रद्धालुओं के लिए खुला होता है, पर जिस दिन यह घटना हुई, मंदिर में मौजूद भक्तों का आरोप है कि वहाँ पर जो पुजारी थे, वे लोगों से पैसे लेकर उन्हें पीछे के रास्ते से दर्शन करवा रहे थे। इसी को देखते हुए वहाँ लाइन में लगे अन्य लोगों में आक्रोश पैदा हो गया और वे इसका विरोध करने लगे। इसी क्रम में धक्का-मुक्की हुई और लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे और देखते-देखते मंदिर प्रांगण का माहौल भगदड़ में तब्दील हो गया। लोगों का आरोप है कि पुजारी ने लोगों के साथ मारपीट भी की और आम दिनों में भी मंदिर में मौजूद पंडित/पुजारी बिना पैसा लिए भक्तों की पूजा-अर्चना नहीं करवाते हैं।
9 लोगों की गई जान और कई लोग घायल
इस भगदड़ ने मंदिर के श्रद्धा के माहौल को मातम में बदल दिया। लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई। सभी अपने साथ आए परिजनों को ढूँढने लगे। भीड़ में मौजूद 8 लोगों की मौत मौके पर ही हो गई। घायलों को इलाज के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेजा गया, जहाँ इलाज के दौरान डॉक्टरों ने एक और को मृत घोषित कर दिया। कुल मिलाकर इस घटना में 9 लोगों की जान चली गई।
पुलिस-प्रशासन और मंदिर समिति की लापरवाही
लोगों का कहना है कि यह बात सभी को पता है कि चैत्र महीने में हर साल अधिक संख्या में भीड़ मंदिर परिसर में दर्शन करने आती है। इस बात की जानकारी होने के बावजूद न तो माता शीतला मंदिर समिति द्वारा और न ही पुलिस प्रशासन द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई व्यवस्था की गई थी। यह सरासर लापरवाही को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने शोक व्यक्त करते हुए की आर्थिक मदद की घोषणा
इस अत्यंत दुखद घटना के बाद राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीट कर शोक व्यक्त किया और जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। साथ ही मृतकों के आश्रितों को आपदा प्रबंधन विभाग से 4-4 लाख रुपये और मुख्यमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपये, यानी कुल 6-6 लाख रुपये अनुग्रह अनुदान देने का ऐलान किया।
4 पुजारी गिरफ्तार, 20 पर मामला दर्ज
माता शीतला मंदिर में मौजूद पुजारियों पर आरोप है कि घटना के दिन वे पैसे लेकर लोगों को पीछे के रास्ते से दर्शन करवा रहे थे। सामान्य दिनों में भी भक्तों से उनका व्यवहार अच्छा नहीं रहता है और बिना पैसे लिए वहाँ मौजूद पुजारी भक्तों की पूजा-अर्चना नहीं करवाते हैं। मंदिर पूजा समिति के अध्यक्ष समेत 20 लोगों पर मुकदमा दर्ज हो चुका है और 4 पुजारी गिरफ्तार भी किए जा चुके हैं। पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है, अन्य दोषियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।